Mahalaxmi kit Yojana 2026:Form in Progress Now
Mahalaxmi kit Yojana
Mahalaxmi Yojana 2026
उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुरू की गई “Mahalaxmi kit Yojana Form 2026” एक सफल संघीय सेवानिवृत्ति सहायता योजना है।
यह योजना मुख्य रूप से उन नई माताओं और उनकी बेटियों के लिए है, जिनकी पारिवारिक आय एक निश्चित सीमा के अंतर्गत है। इस योजना का उद्देश्य गर्भावस्था के बाद की अवधि में माताओं और उनकी नवजात बेटियों के स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल की गारंटी देना है।
इस Mahalaxmi kit Yojana के तहत दी जाने वाली इकाइयों में स्वास्थ्य के लिए बुनियादी चीजें तो होती ही हैं, साथ ही ये माताओं और बेटियों के लिए सुरक्षा और आराम का स्रोत भी बनती हैं।
इससे महिलाओं का सशक्तिकरण होता है और साथ ही समाज में उन्मुखीकरण संचार को बढ़ावा मिलता है।
Mahalaxmi kit Yojana Form 2026 मुख्य उद्देश्य और लाभ
Mahalaxmi kit Yojana का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करना है। योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले किट में निम्नलिखित सामग्री शामिल होती है:
माताओं के लिए किट में:
- सूखे मेवे
- मोजे, तौलिया, शॉल, कंबल, चादरें
- सैनिटरी पैड, सरसों का तेल, साबुन, नेल कटर आदि

बालिकाओं के लिए किट में:
- सूती/गर्म टोपी, जुराब, लंगोटी
- तौलिया, शिशु साबुन, रबर शीट
- गर्म कंबल, टीकाकरण कार्ड आदि
नोट:
- यह किट केवल माताओं और उनकी पहली दो बेटियों को दी जाएगी।
- यदि जुड़वाँ बच्चे हैं, तो दोनों बेटियों और उनकी माँ को किट मिलेगी।
पात्रता मानदंड
माँ के लिए पात्रता:
- लाभार्थी उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- लाभार्थी एक प्रसवोत्तर महिला होनी चाहिए।
- लाभार्थी आयकर दाता नहीं होनी चाहिए।
- लाभार्थी किसी भी आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकृत होनी चाहिए।
बेटी के लिए पात्रता:
- लाभार्थी अपनी माँ की पहली या दूसरी बेटी होनी चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया
Mahalaxmi kit Yojana का लाभ प्राप्त करने के लिए, आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑफलाइन है। निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
चरण 1: चिंतित माता-पिता को अपने निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र पर जाना चाहिए।
चरण 2: आवश्यक दस्तावेज़ उपलब्ध कराएं और यदि आवश्यकता हो तो प्रमाणित करवाएं।
चरण 3: प्रक्रिया पूरी होने के बाद आंगनवाड़ी केंद्र से लाभ प्राप्त किया जा सकेगा।
आवश्यक दस्तावेज़

माँ के लिए:
- प्रसवोत्तर महिला होने का चिकित्सीय प्रमाण
- पहचान प्रमाण
बेटी के लिए:
- जन्म प्रमाण पत्र
FAQ: Mahalaxmi kit Yojana 2026
1) Mahalaxmi kit Yojana क्या है?
Mahalaxmi Yojana उत्तराखंड सरकार द्वारा शुरू की गई एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य नई माताओं और उनकी बेटियों को आवश्यक पोषण और देखभाल प्रदान करना है। यह योजना विशेष रूप से उन माताओं के लिए है जिनकी पारिवारिक आय एक निर्धारित सीमा से कम है।
2) किसे इस योजना का लाभ मिलेगा?
इस योजना का लाभ उत्तराखंड के उन माताओं को मिलेगा जो प्रसवोत्तर हैं और जिनकी आयकर के रूप में कोई देनदारी नहीं है। इसके साथ ही, लाभार्थी के पास किसी आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकरण होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इस योजना का लाभ केवल पहली या दूसरी बेटी को ही मिलेगा।
3) इस योजना के तहत क्या-क्या सामग्री दी जाती है?
माताओं के लिए: सूखे मेवे, मोजे, तौलिया, शॉल, कंबल, सैनिटरी पैड, सरसों का तेल, साबुन, नेल कटर आदि।
बेटियों के लिए: सूती/गर्म टोपी, जुराब, लंगोटी, शिशु साबुन, तौलिया, रबर शीट, गर्म कंबल, टीकाकरण कार्ड आदि।
4) क्या जुड़वाँ बच्चों के लिए किट मिलेगी?
हाँ, यदि किसी महिला के जुड़वाँ बच्चे हैं, तो उसे दोनों बेटियों और उनकी माँ के लिए किट दी जाएगी।
5) आवेदन प्रक्रिया क्या है?
इस योजना का आवेदन ऑफलाइन किया जाता है। आपको अपने निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर आवेदन करना होगा और आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे। इसके बाद, किट प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

निष्कर्ष
Mahalaxmi kit Yojana उत्तराखंड सरकार की एक अत्यंत प्रभावशाली पहल है, जो न केवल महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को सुधारने का काम करती है, बल्कि सामाजिक समरसता और लैंगिक समानता की दिशा में भी एक अहम कदम है।
इस योजना के माध्यम से, राज्य की सरकार कमजोर और वंचित वर्गों को राहत देने का प्रयास कर रही है। यह योजना निश्चित ही उत्तराखंड के समाज के सभी तबकों में एक सकारात्मक बदलाव ला सकती है।